अद्द्भूत काया रूप , गणेश बुद्धि सुरूप ||

कहते है तीसरी शक्ति जो दिखाई नहीं देती, जो सुनाई नहीं देती,
बस महसूस होती है, आस्था में, भक्ति में, जो सदैव आपके साथ चलती है
मन की आवाज़ बन कर आपको सही मार्ग दिखती है, 
उसे भगवान कहते है   |
भगवान ही एक मात्र हमारे हर सुख दुःख का, हर काम का साथी है|
 उन भगवान् ने खुद को पात्र बनाकर जो भी लीला रची है, 
वो मानव जाती को एक सन्देश देती है|
हज़ारो लीलाओ में से एक लीला जिससे हमे ये समझ आता है,
की सभी मानव एक अद्भुत जीव है , जिसका उसके रूप से, रंग से, चेहरे से या दौलत से मापदंड नहीं किया जा सकता|

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