लड़की ———- बहु या बेटी ?

आज ज़ेहन में फिर से एक सवाल उठा है,

प्रश्न बड़ा ही कॉमन है, पर  सोचने का नजरिया जुदा है|

“एक घर में दो लड़किया, जो साथ साथ तो रहती थी,

पहली घर के मालिक की बेटी, दूसरी बहु रुपी समुद्र में बहती थी |

Read More »

नारी व्यथा

प्रेम तुम्ही  से  किया  है  हमने , तुम संग प्रीत लगाई है,

पर क्या हश्र होता जीवन का, तुमने ये सीख सिखलाई है|

माटी का पुतला बन कर रही तो मैं एक प्यारी नारी थी,

माँगा थोड़ा स्नेह जो तुमसे, तो मैं पढ़ी लिखी गंवार नारी थी|

Read More »